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चरà¥à¤® रोग दूर करने के आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• व घरेलू उपाय:
नहाते समय नीम के पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ को पानी के साथ गरम कर के, फिर उस पानी को नहाने के पानी के साथ मिला कर नहाने से चरà¥à¤® रोग से मà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ मिलती है।
नीम की कोपलों (नठहरे पतà¥à¤¤à¥‡) को सà¥à¤¬à¤¹ खाली पेट खाने से à¤à¥€ तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग दूर हो जाते हैं।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ के घाव ठीक करने के लिठनीम के पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ का रस निकाल कर घाव पर लगा कर उस पर पटà¥à¤Ÿà¥€ बांध लेने से घाव मिट जाते हैं। (पटà¥à¤Ÿà¥€ समय समय पर बदलते रहना चाहिà¤)।
मूली के पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ का रस तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर लगाने से किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार के तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग में राहत हो जाती है।
पà¥à¤°à¤¤à¤¿ दिन तिल और मूली खाने से तà¥à¤µà¤šà¤¾ के à¤à¥€à¤¤à¤° जमा हà¥à¤† पानी सूख जाता है, और सूजन खतà¥à¤® खतà¥à¤® हो जाती है।
मूली का गंधकीय ततà¥à¤µ तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोगों से मà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ दिलाता है।
मूली में कà¥à¤²à¥‹à¤°à¥€à¤¨ और सोडियम ततà¥à¤µ होते है, यह दोनों ततà¥à¤µ पेट में मल जमने नहीं देते हैं और इस कारण गैस या अपचा नहीं होता है।
मूली में मेगà¥à¤¨à¥‡à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की मातà¥à¤°à¤¾ à¤à¥€ मौजूद होती है, यह ततà¥à¤µ पाचन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ नियमन में सहायक होता है। जब पेट साफ होगा तो चमड़ी के रोग होने की नौबत ही नहीं होगी।
हर रोज़ मूली खाने से चहरे पर हà¥à¤ दाग, धबà¥à¤¬à¥‡, à¤à¤¾à¤ˆà¤¯à¤¾à¤‚, और मà¥à¤¹à¤¾à¤¸à¥‡ ठीक हो जाते हैं।
सेब के रस को लगाने से उसमें राहत मिलती है। पà¥à¤°à¤¤à¤¿ दिन à¤à¤• या दो सेब खाने से चरà¥à¤® रोग दूर हो जाते हैं। तà¥à¤µà¤šà¤¾ का तैलीयपन दूर करने के लिठà¤à¤• सेब को अचà¥à¤›à¥€ तरह से पीस कर उसका लेप पूरे चहरे पर लगा कर दस मिनट के बाद चहरे को हलà¥à¤•े गरम पानी से धो लेने पर “तैलीय तà¥à¤µà¤šà¤¾â€ की परेशानी से मà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ मिलती है।
खाज और खà¥à¤œà¤²à¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ में ताज़ा सà¥à¤¬à¤¹ का गौमूतà¥à¤° तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर लगाने से आराम मिलता है।
जहां à¤à¥€ फोड़े और फà¥à¤‚सी हà¥à¤ हों, वहाठपर लहसà¥à¤¨ का रस लगाने से फौरन आराम मिल जाता है।
लहसà¥à¤¨ और सूरजमà¥à¤–ी को à¤à¤• साथ पीस कर पोटली बना कर गले की गांठपर (कणà¥à¤ माला की गीलà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ पर) बांध देने से लाठमिलता है।
सरसों के तेल में लहसà¥à¤¨ की कà¥à¤› कलीयों को डाल कर उसे गरà¥à¤® कर के, (हलà¥à¤•ा गरà¥à¤®) उसे तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर लगाया जाठतो खà¥à¤œà¤²à¥€ और खाज की समसà¥à¤¯à¤¾ दूर हो जाती है।
सूखी चमड़ी की शिकायत रहती हों तो सरसों के तैल में हलà¥à¤¦à¥€ मिशà¥à¤°à¤¿à¤¤ कर के उससे तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर हलà¥à¤•ी मालिश करने से तà¥à¤µà¤šà¤¾ का सूखापन दूर हो जाता है।
हलà¥à¤¦à¥€ को पीस कर तिल के तैल में मिला कर उससे शरीर पर मालिश करने से चरà¥à¤® रोग जड़ से खतà¥à¤® होते हैं।
चेहरे के काले दाग और धबà¥à¤¬à¥‡ दूर करने के लिठहलà¥à¤¦à¥€ की गांठों को शà¥à¤¦à¥à¤§ जल में घिस कर, उस के लेप को, चेहरे पर लगाने से दाग-धबà¥à¤¬à¥‡ दूर हो जाते हैं।
करेले के फल का रस पीने से शरीर का खून शà¥à¤¦à¥à¤§ होता है। दिन में सà¥à¤¬à¤¹ के समय बिना कà¥à¤› खाये खाली पेट à¤à¤• गà¥à¤°à¤¾à¤® का चौथा à¤à¤¾à¤— “करेले के फल का रस†पीने से तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग दूर होते हैं।
दाद, खाज और खà¥à¤œà¤²à¥€ जैसे रोग, दूर करने के लिठतà¥à¤µà¤šà¤¾ पर करेले का रस लगाना चाहिà¤à¥¤
रà¥à¤ˆ के फाये से गाजर का रस थोड़ा कर के चहेरे और गरदन पर लगा कर उसके सूखने के बाद ठंडे पानी से चहेरे को धो लेने से तà¥à¤µà¤šà¤¾ साफ और चमकीली बन जाती है।
पà¥à¤°à¤¤à¤¿ दिन सà¥à¤¬à¤¹ à¤à¤• कप गाजर का रस पीने से हर पà¥à¤°à¤•ार के तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग दूर होते हैं। सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में तà¥à¤µà¤šà¤¾ सूखने की समसà¥à¤¯à¤¾ कई लोगों को होती है, गाजर में विटामिन A à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में होता है, इस लिठरोज़ गाजर खाने से तà¥à¤µà¤šà¤¾ का सूखापन दूर होता है।
पालक और गाजर का रस समान मातà¥à¤°à¤¾ में मिला कर उसमें दो चमà¥à¤®à¤š शहद मिला कर पीने से, सà¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार के चरà¥à¤® रोग नाश होते हैं।
गाजर का रस संकà¥à¤°à¤®à¤£ दूर करने वाला और किटाणॠनाशक होता है, गाजर खून को à¤à¥€ साफ करता है, इस लिठरोज़ गाजर खाने वाले वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को फोड़े फà¥à¤‚सी, मà¥à¤¹à¤¾à¤¸à¥‡ और अनà¥à¤¯ चरà¥à¤® रोग नहीं होते हैं।
काली मिटà¥à¤Ÿà¥€ में थोड़ा सा शहद मिला कर फोड़े और फà¥à¤‚सी वाली जगह पर लगाया जाठतो तà¥à¤°à¤‚त राहत हो जाती है।
फà¥à¤‚सी पर असली (à¤à¥‡à¤— रहित) शहद लगाने से फौरन राहत हो जाती है।
शहद में पानी मिला कर पीने से फोड़े, फà¥à¤‚सी, और हलà¥à¤•े दाग दूर हो जाते हैं।
सेंधा नमक, दूध, हरड़, चकबड़ और वन तà¥à¤²à¤¸à¥€ को समान मातà¥à¤°à¤¾ में ले कर, कांजी के साथ मिला कर पीस लें। तैयार किठहà¥à¤ इस चूरà¥à¤£ को दाद, खाज और खà¥à¤œà¤²à¥€ वाली जगहों पर लगा लेने से फौरन आराम मिल जाता है।
हरड़ और चकबड़ को कांजी के साथ कूट कर, तैयार किठहà¥à¤ लेप को दाद पर लगाने से दाद फौरन मीट जाता है।
पीपल की छाल का चूरà¥à¤£ लगा नें पर मवाद निकलने वाला फोड़ा ठीक हो जाता है। चार से पाà¤à¤š पीपल की कोपलों को नितà¥à¤¯ सà¥à¤¬à¤¹ में खाने से à¤à¤•à¥à¥›à¤¿à¤®à¤¾ रोग दूर हो जाता है। (यह पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— सात दिन तक लगातार करना चाहिà¤)।
नीम की छाल, सहजन की छाल, पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ खल, पीपल, हरड़ और सरसों को समान मातà¥à¤°à¤¾ में मिला कर उनà¥à¤¹à¥‡ पीस कर उसका चूरà¥à¤£ बना लें। और फिर इस चूरà¥à¤£ को गौमूतà¥à¤° में मिशà¥à¤°à¤¿à¤¤ कर के तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर लगाने से समसà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤•ार के जटिल तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग दूर हो जाते हैं।
अरणà¥à¤¡à¥€, सौंठ, रासà¥à¤¨à¤¾, बालछड़, देवदारà¥, और बिजौरे की छड़ इन सà¤à¥€ को बीस-बीस गà¥à¤°à¤¾à¤® ले कर à¤à¤• साथ पीस लें। उसके बाद इनà¥à¤¹à¥‡ पानी में मिला कर लेप तैयार कर लें और फिर उस लेप को तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर लगा लें। इस पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— से समसà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤•ार के चरà¥à¤® रोग दूर हो जाते हैं।
खीरा खाने से चमड़ी के रोग में राहत मिलती है। ककड़ी के रस को चमड़ी पर लगाने से तà¥à¤µà¤šà¤¾ से मैल दूर होता है, और चेहरा चमकता है। ककड़ी का रस पीने से à¤à¥€ शरीर को लाठहोता है।
पà¥à¤¯à¤¾à¤œ को आग में à¤à¥‚न कर फोड़ों और फà¥à¤‚सियों और गाठों पर बांध देने से वह तà¥à¤°à¤‚त फà¥à¤Ÿ जाती हैं। अगर उनमें मवाद à¤à¤°à¤¾ हों तो वह à¤à¥€ बाहर आ निकलता है। हर पà¥à¤°à¤•ार की जलन, सूजन और दरà¥à¤¦ इस पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— से ठीक हो जाता है। इस पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— से इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ का जखà¥à¤® à¤à¥€ ठीक हो जाता है। पà¥à¤¯à¤¾à¤š को कचà¥à¤šà¤¾ या पकà¥à¤•ा खाने से तà¥à¤µà¤šà¤¾ में निखार आता है।
पà¥à¤°à¤¤à¤¿ दिन पà¥à¤¯à¤¾à¤œ खाने वाले वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को लू कà¤à¥€ नहीं लगती है।
पोदीने और हलà¥à¤¦à¥€ का रस समान मातà¥à¤°à¤¾ में मिशà¥à¤°à¤¿à¤¤ कर के दाद खाज खà¥à¤œà¤²à¥€ वाली जगहों पर लगाया जाठतो फौरन राहत मिल जाती है।
पिसा हà¥à¤† पोदीना लेप बना कर चहेरे पर लगाया जाठऔर फिर थोड़ी देर के बाद चहेरे को ठंडे पानी से धो लिया जाठतो चहेरे की गरमी दूर हो जाती है, तथा सà¥à¤•िन चमकदार बनती है।
अजवायन को पानी में उबाल कर जखà¥à¤® धोने से उसमे आराम मिल जाता है।
गरà¥à¤® पानी में पिसे हà¥à¤ अजवायन मिला कर, उसका लेप दाद, खाज, खà¥à¤œà¤²à¥€, और फà¥à¤‚सी पर लगाने से फौरन आराम मिल जाता है।
नमक मिले गरà¥à¤® पानी से तà¥à¤µà¤šà¤¾ को धोने या सेक करने से हाथ-पैर और à¤à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की दरारें दूर होती हैं और दरà¥à¤¦ में फौरन आराम मिल जाता है।
गरम पानी में नमक मिला कर नहाने से सरà¥à¤¦à¥€ के मौसम में होने वाले तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोगों के सामने रकà¥à¤·à¤£ मिलता है। और अगर रोग हो गठहों तो इस पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— के करने से रोग समापà¥à¤¤ हो जाते हैं।
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